रायपुर पुलिस कमिश्नरेट लॉन्चिंग अब जनवरी 2026 तक टली, मुख्यमंत्री ने किया स्पष्टीकरण का इंतजार

रायपुर। रायपुर जिले में प्रस्तावित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की शुरुआत अब जनवरी 2026 तक स्थगित कर दी गई है। इस प्रणाली को पहले राज्य की रजत जयंती 1 नवंबर 2025 को लागू करने की योजना थी, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय गोपनीय बैठक में इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था तभी लागू होगी जब इसके सभी कानूनी, प्रशासनिक और परिचालन पहलू पूरी तरह से तैयार हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की अनिश्चितता या अधूरी प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाए और सभी औपचारिकताएँ पूर्ण की जाएँ।

गृह मंत्री विजय शर्मा की लगातार निगरानी और समन्वय के बावजूद, पुलिस मुख्यालय की टास्क फोर्स द्वारा 27 सितंबर को सौंपी गई रिपोर्ट में कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण की आवश्यकता पाई गई थी। गृह विभाग ने इन बिंदुओं पर अतिरिक्त विवरण मांगा, जिससे परियोजना की शुरुआत में देरी हुई।

प्रस्तावित कमिश्नरेट संरचना के अनुसार, रायपुर में आईजी रैंक का पुलिस आयुक्त, डीआईजी रैंक का अतिरिक्त आयुक्त, 8 डीसीपी और 20 एसीपी के पद होंगे। इस ढांचे का उद्देश्य शहर में अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और संवेदनशील मामलों की मॉनिटरिंग को और प्रभावी बनाना है।

वरिष्ठ खोजी पत्रकार और The Hitavada के समाचार संपादक मुकेश एस. सिंह की ग्राउंड कवरेज के अनुसार, मुख्यमंत्री का यह निर्णय प्रक्रिया की स्पष्टता, संस्थागत सहमति और प्रशासनिक स्थिरता को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लिया गया है।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जनवरी तक सभी तैयारियाँ पूरी कर ली जाएँगी और इसके बाद रायपुर में छत्तीसगढ़ का पहला Police Commissionerate System शुरू किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में शहरी policing को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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