रायपुर (News27) 01-06-2024 । गर्मी की विभिषिका ने यह अहसास करा दिया कि वृक्षों की सुरक्षा और पानी का बचत करना आने वाले भविश्य के लिए उतना ही जरूरी है, जितना जीने की लिए स्वच्छ हवा का होना है। ग्लोबल वार्मिंग एक वैष्विक समस्या है जिसका निराकरण विष्व स्तर पर आवष्यक है परन्तु भारतवर्श में बढ़ते गर्मी प्रदुषण की चिंता भारत सरकार की जिम्मेदारी है, जिसमें जनमानस का सहयोग जनता का इस महाअभियान में सौ फीसदी जुड़ाव होना अहम है। इस बात की गंभीरता को समझते हुए छत्तीसगढ़ षासन ने भी जल जगार अभियान छेड़ा है। गर्मी के मौसम में देश के अधिकांश हिस्सों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है और इस समस्या से छत्तीसगढ़ का अधिकांश हिस्सा भी अछूता नहीं है। राजधानी रायपुर, भिलाई सहित अन्य जिलों को साल भर पानी उपलब्ध कराने वाला धमतरी जिले का गंगरेल डेम आज सूखे की चपेट में आकर सूखने की कगार पर आ गया है षासन के सहयोग से नारी शक्ति से जल शक्ति अभियान के तहत् जल जगार उत्सव मनाने की योजना बनाई गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य रैन वाटर हार्वेस्टिग, रूफटर्फ वाटर और वेस्ट वाटर मेनेजमेंट के माध्यम से शुद्ध पानी को भूमि के अंदर भेजना है।
जल शक्ति मंत्रालय के विशेषज्ञों द्वारा भू जल मुद्दों से निपटने की तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। ऐसे सभी सभी निजी स्कूलों, हास्पीटल, रेस्टोरेंट सहित ऐसे भवन जिनका आकार बड़ा है, उन्हें 15 जून तक अनिवार्य रूप से अपने भवन के समीप रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रूफटर्फ वाटर स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिये गए हैं।
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