
भाजपा के आरक्षण विरोधी चरित्र के कारण विधेयक राजभवन में लंबित है
भाजपा नहीं चाहती की आरक्षित वर्गों को उनका हक और अधिकार मिले
रायपुर (News27) 20.06.2024 । भाजपा सरकार की लापरवाही के कारण अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण के लाभ से वंचित होना पड़ा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार द्वारा आरक्षण के संबंधों में 22 और 30 अक्टूबर 2019 को एक अधिसूचना जारी किया था जिसमें प्रमोशन का कोटा निर्धारित किया था जिसमें वर्ग 1 से वर्ग 4 तक के अनुसूचित जाति के कर्मचारियों को 13 प्रतिशत तथा अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों को 32 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। जिसके विरोध कुछ लोगों ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका लगाई थी लेकिन वर्तमान भाजपा की साय सरकार ने इस मामले में आरक्षण के संबंध में सही तथ्य अदालत के सामने नहीं रखे जिसके कारण अदालत ने कांग्रेस सरकार के समय जारी अधिसूचना को रद्द कर दिया और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के कर्मचारियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। साय सरकार की लापरवाही से हाईकोर्ट में अनुसूचित जाति, जनजाति का पदोन्नति में आरक्षण रूका।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी वंचित वर्गो के आरक्षण की विरोधी है उसे जब-जब अवसर मिलता है वह आरक्षण को समाप्त करने का षड़यंत्र करती है। कांग्रेस के भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ के सर्व समाज के लिये उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण की व्यवस्था किया था इसके लिये विधानसभा से आरक्षण संशोधन विधेयक सर्व सम्मति से पारित करवाया था जिसमें अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत तथा अनारक्षित वर्ग के गरीबों के लिये 4 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। भाजपा ने इस आरक्षण विधेयक को 17 महीने राजभवन में रोकवा कर रखा है। प्रदेश में भाजपा की डबल इंजन की सरकार है, आरक्षण विधेयक को राजभवन में रोके रहने का कोई कारण नहीं है। भाजपा यदि आरक्षित वर्ग को उनका हक देना चाहती तो अभी तक वंचित वर्गों को उनका आरक्षण का अधिकार मिलना शुरू हो गया होता।
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भाजपा 1 लाख सरकारी नोकरी देने का वादा भूल गयी : कांग्रेस
33000 पदों में शिक्षकों की भर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान ही तय हो गई थी अभी भी 50 हजार पद खाली
रायपुर (News27) 20.06.2024 । प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मोदी की गारंटी के नाम से युवाओं को एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती एवं युवाओं को रोजगार के लिए कर्ज देने और कर्ज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का वादा किया था। उस दिशा में बीते 6 महीने में कोई काम नहीं हुआ है। सत्ता मिलने के बाद भाजपा युवाओं से किए वादे को भूल गयी। आज जो 33000 पदों पर भर्ती के लिये सिर्फ बयानबाजी किया जा रहा है। वह प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के दौरान ही बनी थी। कांग्रेस सरकार के समय 27000 से अधिक शिक्षकों की भर्ती और 33000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई थी आज भी 50000 शिक्षकों के पद खाली हैं उसमें भी युवाओं को अवसर मिलना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद वित्तीय व्यवस्था डगमगा गई है। चालू वित्तीय वर्ष में 28000 करोड रुपए का कर्ज़ लिया जा चुका है। शासकीय कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है आंगनबाड़ी मितानिन कार्यकर्ताओं को कई महीनो से वेतन नहीं मिला है वित्त विभाग ने नई नियुक्ति पर रोक लगा दी है ऐसे में 33000 पदों पर जो भर्ती की प्रक्रिया भी सिर्फ खाना पूर्ति होगा। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के दौरान 48000 से अधिक नियमित पदों पर सरकारी भर्ती प्रक्रियाधीन थी जिसे साय सरकार आने के बाद दुर्भावनापूर्वक रोक दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार प्रदेश के युवाओं को वादा अनुसार सरकारी नौकरी के अवसर प्रदान करें अभी वन विभाग पुलिस विभाग परिवहन विभाग स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग राजस्व विभाग नगर निगम सही सभी विभागों में पद खाली है तत्काल उन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करें। वादा अनुसार बेरोजगार युवाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने कर्ज की व्यवस्था करें और कर्ज में 50 प्रतिशत की जो सब्सिडी देने का वादा है उसको पूरा करें। कांग्रेस सरकार ने 1 लाख 47 हजार से ज्यादा शिक्षाकर्मियों को शिक्षा विभाग में संविलियन कर नियमित बनाया। पहले 14800 फिर 12780 पदों पर निर्मित शिक्षक के रूप में भर्तिया की।
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