सोशल मीडिया पर अचानक एक पुराना वीडियो वायरल
रायपुर, 5 सितम्बर।
सोशल मीडिया पर अचानक एक पुराना वीडियो वायरल हो गया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस वीडियो को छत्तीसगढ़ राष्ट्रवादी संघ के प्रदेश संयोजक वीरेंद्र दुबे ने साझा किया है और पुलिस प्रशासन व भाजपा कार्यकर्ताओं से कार्रवाई की मांग की है।
पचपेड़ी नाका प्रदर्शन का वीडियो
दरअसल, यह वीडियो जुलाई महीने का है, जब छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने पचपेड़ी नाका का नाम बदलने के विरोध में प्रदर्शन किया था। उसी दौरान संगठन का एक प्रमुख पदाधिकारी कैमरे के सामने राज्य के मुख्यमंत्री को लेकर हिंसक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में वह मुख्यमंत्री को दो बार “मारने” की धमकी देता सुनाई देता है। इतना ही नहीं, पदाधिकारी “काटने” जैसी बातें भी कहता है। यह फुटेज उस समय एक स्थानीय यूट्यूब चैनल ने रिकॉर्ड किया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीरेंद्र दुबे की कड़ी प्रतिक्रिया
इस विवादित वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए वीरेंद्र दुबे ने अपना खुद का वीडियो जारी किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन और भाजपा नेताओं को जगाने का प्रयास करते हुए कहा कि ऐसे बयानों से प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक अशांति फैल सकती है।
सोशल मीडिया पोस्ट में दुबे ने हाल ही में कवर्धा में हुए विवाद का जिक्र करते हुए लिखा –
“छत्तीसगढ़ के राजनीतिक ग्लोब में कुछ बरमूडा ट्राएंगल उपस्थित हैं, जो नगण्य होते हुए भी बहुत अमानवीय हैं। इन्हें सीधी लाइन में लाने की जरूरत है। मेरी भाषा राजनीतिक योद्धाओं को जरूर समझ आएगी।”
उन्होंने पोस्ट के अंत में “जय श्रीराम” और “जय छत्तीसगढ़” के नारे भी लिखे।
क्यों अहम है यह मामला
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी प्रदेश में तनाव को बढ़ा सकती है। प्रशासन को ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, पचपेड़ी नाका विवाद का पुराना वीडियो अब नया सियासी मुद्दा बन गया है, और आने वाले दिनों में इसके और तूल पकड़ने की पूरी संभावना है।

