by। अविनाश वाधवा
तिल्दा-नेवरा।नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा की लापरवाह और गैर-जिम्मेदार कार्यप्रणाली ने पूरे नगर को बदहाली के कगार पर ला खड़ा किया है। नगर के सभी 22 वार्डों में गंदगी का अंबार लगा है, नालियां पूरी तरह जाम हैं, लेकिन हालात सुधारने की बजाय नगर पालिका परिषद चुप्पी साधे बैठी है।
नगर के हर कोने से एक ही शिकायत सामने आ रही है—
न महीनों से नालियों की सफाई हुई, न कचरा उठाया गया, न कोई निगरानी। सड़कों, गलियों और बस्तियों में फैली गंदगी अब लोगों के धैर्य की आख़िरी सीमा तोड़ रही है। बदबू, मच्छर और संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों को कोई फर्क नहीं पड़ता।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका परिषद सिर्फ कागजों में सफाई दिखा रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सफाई कर्मचारियों की मनमानी, निगरानी की कमी और अधिकारियों की उदासीनता ने हालात को और बिगाड़ दिया है।
विकास कार्यों की स्थिति भी चिंताजनक है। कई जगह अधूरे, घटिया और दिखावटी कार्य नजर आ रहे हैं, फिर भी काम पूरे होने के दावे किए जा रहे हैं।
बीमारियों के फैलने की आशंका
नगरवासियों का कहना है कि नगर पालिका परिषद पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है। न तो जनता की समस्याएं सुनी जा रही हैं, न ही जिम्मेदार अधिकारियों की कोई जवाबदेही तय की जा रही है। सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कार्ययोजना नजर नहीं आती, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद सफाई कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते, नालियों की नियमित सफाई नहीं होती और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। इसके चलते डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बढ़ रही है।

