शिक्षकों ने सीएम के नाम तहसीदार को सौंपा ज्ञापन

जशपुर। जशपुर। सहायक शिक्षक एवं एल.बी. शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक / समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला जशपुर ने शनिवार को शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर फेडरेशन द्वारा रणजीता स्टेडियम के बाहर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया।
फेडरेशन के बैनर तले शिक्षकों ने रणजीता स्टेडियम मार्ग से पुरानी टोली, महराजा चौक , बस स्टैंड होते हुए कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और सिर पर टोपी पहनकर शिक्षकों ने शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। रैली के दौरान नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर पुलिस ने सुरक्षा कारणों से गेट बंद कर शिक्षकों को भीतर प्रवेश करने से रोक दिया। इसके बाद शिक्षक गेट के बाहर बैठकर नारेबाजी करते रहे। सूचना मिलने पर मौके पर जशपुर तहसीलदार जय श्री पाथे पहुंचीं। इस दौरान फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार जय श्री पाथे को सौंपा। तहसीलदार ने कहा कि शिक्षक फेडरेशन द्वारा सौंपा गया ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है, जिसे नियमानुसार आगे प्रेषित किया जाएगा।
रैली और धरना-प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक शामिल हुए। मोदी की गारंटी लागू नहीं होने से शिक्षकों में भारी असंतोष देखा जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। शिक्षकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “वादा निभाओ, मोदी की गारंटी लागू करो।”
शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि उनकी लंबित मांगों को लेकर आज शाम तक स्पष्ट आदेश जारी किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शिक्षकों की प्रमुख मांगें
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से राज्य शासन से सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करते हुए मोदी की गारंटी के अंतर्गत सभी शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने की मांग की गई है। साथ ही सभी एल.बी. शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिए जाने की मांग भी रखी गई है।
फेडरेशन की प्रतिनिधि गायत्री देवता ने बताया कि शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने तथा ऑनलाइन उपस्थिति के लिए स्वयं के मोबाइल फोन से वीएसके (VSK App) ऐप की अनिवार्यता खत्म करने की मांग राज्य सरकार से की गई है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही शिक्षकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
यह रहें मौजूद
जिला संरक्षक मो. कायम अली, सम्पति साय पैकरा, भूपेन्द्र खुटिया, ममता बंजारा,जिला सलाहकार कमला अजय, अजीत सिंह सिदार, सुमन भगत,महासचिव पंकज चेहरा,मो. मेराज अंसारी, रवि गुप्ता, सरस्वती जगत,जिला उपाध्यक्ष मनोज अम्बस्ट, सीमा गुप्ता, सागर प्रसाद यादव जिला सचित्र, उत्तम कुमार पैकरा सह सचिव, आनंद कुमार गुप्ताजिला कोषाध्यक्ष, व्रजकिशोर निषाद ,सह कोषाध्यक्ष गायत्री देवता,जिला संगठन मंत्री अरविंद निराला, रविकिरण इनसेना, राकेश कुमार सिंह
जिला महामंत्री, रामभरोस चौहान, सिन्धु पैकरा, बसुन राम नागवंशी, छवि साहू संयुक्त सचिव, आनंद भगत, बुधदेव साय, मीना पैकरा, रेणु प्रधान,जिला प्रवक्ता सिद्धार्थ शर्मा अमृता गुप्ता समेत जिले के सैकड़ों शिक्षक , शिक्षिका मौजूद रहें।

